Author: SARMISHTHA and Dr. OMPARKASH
Published On: 2024-04-03
भीमराव अंबेडकर, जिन्हें प्यार से बाबासाहेब के नाम से याद किया जाता है, न केवल भारतीय संविधान के निर्माता थे बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और शिक्षा के कट्टर समर्थक भी थे। समानता, पहुंच और सशक्तिकरण के सिद्धांतों में गहराई से निहित उनका शिक्षा दर्शन समकालीन समाज में प्रासंगिक और महत्वपूर्ण बना हुआ है। यह शोध पत्र अम्बेडकर के शिक्षा दर्शन, इसके प्रमुख सिद्धांतों और आधुनिक शैक्षिक विमर्श को आकार देने और सामाजिक प्रगति को बढ़ावा देने में इसके स्थायी महत्व पर प्रकाश डालता है।
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2024
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Research Article
2/11, SASTRI NAGAR, KOYEMBEDU, CHENNAI-600107
9488577176
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